ज़िंदगी की भागदौड़ और दुनियादारी के बीच अक्सर हम उन रिश्तों और एहसासों को पीछे छोड़ देते हैं, जो हमारे वजूद की बुनियाद होते हैं। जब हम जज़्बातों की बात करते हैं, तो ‘माँ’ शब्द से गहरा कोई और लफ्ज़ नहीं मिलता। शायरों ने ठीक ही कहा है कि मांगने पर जहाँ हर मन्नत पूरी होती है, वो जन्नत माँ के पैरों में ही तो होती है। यह दुनिया बड़ी अजीब है, समझाने से भी नहीं समझती, लेकिन एक माँ ही थी जो बिना बोले सब कुछ समझ जाती थी। चाहे गम हो, दुख हो या खुशियां, माँ जीवन के हर किस्से में साये की तरह साथ रहती है। उसकी ममता का मोल देखिए कि वह खुद भूखी सो जाती है, मगर अपने हिस्से की रोटी बच्चों में बांट देती है। मशहूर शायर मुनव्वर राना ने इसी अहसास को बहुत खूबसूरती से बयां किया है। उन्होंने कहा था कि कल अपने-आप को माँ की आँखों में देखा, तो यह तसल्ली मिली कि यह आईना हमें कभी बूढ़ा नहीं बताता। माँ की आँखों में हम हमेशा वही बच्चे रहते हैं। यही निश्छल प्रेम और बीते कल की यादें हमें उस साहित्य की ओर ले जाती हैं, जो समय की रेत पर उकेरे गए निशानों को पढ़ने की कोशिश करता है।
समय की निष्ठुरता और एलेन सेक्सटन की नई दुनिया
जिस तरह माँ का प्रेम हमें अतीत और वर्तमान के बीच एक पुल की तरह जोड़े रखता है, ठीक उसी तरह कवयित्री एलेन सेक्सटन अपनी किताब “साइट स्पेसिफिक: न्यू एंड सिलेक्टेड पोयम्स” (Site Specific: New and Selected Poems) में पाठकों को समय की एक अनोखी यात्रा पर ले जाती हैं। सेक्सटन की शायरी में गजब की निरीक्षण क्षमता है। वे अपने जीवन के सफर को बयां करने के लिए दिशाओं, दृश्यों, और आगे-पीछे देखने की अवधारणाओं का बेहतरीन इस्तेमाल करती हैं। उनकी कविताएं एक मझे हुए ड्राइवर की तरह हैं, जो कभी रफ़्तार पकड़ती हैं तो कभी ठहर कर किसी मोड़ पर सुस्ताने लगती हैं।
सेक्सटन की लेखनी में एक विरोधाभास है—वे वर्तमान के तीखे मोड़ों से गुजरते हुए भी लगातार ‘रियरव्यू मिरर’ (पीछे देखने वाले शीशे) में अतीत को निहारती रहती हैं। यहाँ हमें उनकी घबराहट, पुराने खो चुके रिश्तों के निर्देशांक और नए प्यार की कशमकश साफ़ दिखाई देती है। वे हमें उस गहरे भ्रम और दुख से रूबरू कराती हैं, जब हम बड़े हो जाने पर घर का पुराना, जाना-पहचाना रास्ता भूलने लगते हैं। सड़क, कार, ड्राइवर और पीछे छूटता देहाती नज़ारा—ये सब उनकी काव्य-कल्पना के प्रतीक बन जाते हैं।
रोजमर्रा के पल और गहरे चिंतन
सेक्सटन की कविताओं का कैनवास बहुत विस्तृत है। एक पल में हम किसी तटीय सड़क पर होते हैं, तो अगले ही पल किसी पुराने फार्महाउस में बैठकर स्क्रीन वाले दरवाज़े को निहार रहे होते हैं, जो पारिवारिक यादों को ताज़ा कर देता है। कभी आसमान में उड़ते जेट विमान को देखकर हम आधुनिक दुनिया की जटिलताओं को महसूस करते हैं, तो कभी लॉन्ग आइलैंड के उत्तरी किनारे के सुरम्य दृश्य हमें जॉन मारिन की पेंटिंग ‘स्मॉल पॉइंट, मेन’ की याद दिला देते हैं।
सेक्सटन की सबसे बड़ी खूबी उनका हास्य और संवेदनशीलता का मिश्रण है। अपनी कविता “व्हेन इट्स गुड टू स्टॉप टॉकिंग” (When It’s Good to Stop Talking) में, वे एक डेंटिस्ट की कुर्सी पर बेहोशी की दवा के असर में लेटे हुए दुनिया की समस्याओं को सुलझाने का दावा करती हैं। यहाँ उनका मज़ाकिया अंदाज़ देखिए—वे कहती हैं कि डेंटिस्ट की कुर्सी पर लेटे-लेटे उन्होंने विश्व शांति की राह में आने वाली सारी रुकावटें दूर कर दीं, ठीक उसी वक्त जब हाइजीनिस्ट उनके मुंह में एक ‘ब्रिज’ (दांतों का पुल) लगा रही थी। यहाँ ‘ब्रिज’ शब्द का द्व义र्थी प्रयोग—दांतों का पुल और शांति का पुल—उनके लेखन की बारीकी को दर्शाता है।
अतीत और वर्तमान का संगम
सेक्सटन की भावनाओं का दायरा केवल हास्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें स्पर्श और स्मृतियों की गरमाहट भी है। शाम के खाने की तैयारी करते समय प्रेमी के बालों को सहलाते हुए यादों के रेशमी धागों को महसूस करना, उनके लेखन को बेहद रूमानी बना देता है। उनकी कविताओं की संरचना, छोटी पंक्तियाँ और लयबद्धता एक सधे हुए शिल्प का प्रमाण देती हैं।
वे उस दोस्त की तरह हैं जिसके साथ हम अपना पूरा दिन बिताना चाहेंगे—बातें करते हुए, जीवन के सुख-दुख साझा करते हुए। अपनी कविता “पोएट्री” (Poetry) में वे धूप, प्रकृति और सड़क से हटकर एक पगडंडी का दृश्य खींचती हैं। वे लिखती हैं कि जब हवा में नरमी हो, कीड़े और पक्षियों की आवाज़ें बैकग्राउंड संगीत जैसी हों, और आपकी त्वचा पर समुद्र का सूखा नमक हो, तब अतीत और वर्तमान एक साथ मौजूद होते हैं। समुद्र की लहरों की आवाज़ में उन्हें उस मृत दोस्त की उपस्थिति महसूस होती है, जो अभी भी उनकी यादों में ज़िंदा है।
सेक्सटन का काम हमें याद दिलाता है कि जीवन और प्रकृति के रहस्य हमेशा हमारे आस-पास मौजूद हैं। जैसा कि उन्होंने अपनी कविता में संक्षेप में कहा है—”अतीत, वर्तमान के साथ सह-अस्तित्व में रहता है।” चाहे वह माँ की आँखों में देखा गया अपना बचपन हो या सेक्सटन की कविताओं में समय की यात्रा, अंततः यह सब यादों को सहेजने और जीवन के सफर को समझने की एक कोशिश ही तो है।
एक्सबॉक्स के लिए २०२६ की धमाकेदार शुरुआत: गेम पास में नए टाइटल्स और स्मार्ट टीवी पर विस्तार
भावनाओं के समंदर और साहित्य का सफर: माँ के स्नेह से लेकर यादों की पगडंडियों तक
एलजी का बड़ा दांव: 2026 में माइक्रो RGB टीवी की एंट्री और एआई को लेकर छिड़ी नई बहस
महिला एशिया कप में भारत की दमदार जीत, पाकिस्तान पस्त; इधर शुभमन गिल की खराब फॉर्म ने बढ़ाई टीम इंडिया की चिंता
नेस्ले इंडिया: वित्तीय मजबूती और चॉकलेट के भविष्य को सुरक्षित करने की वैश्विक पहल
चंद्रमा के रहस्यों का खुलासा: भारत और चीन के मिशनों से मिली नई जानकारी
वीवो का विकास: V5 की सेल्फी क्रांति से X300 सीरीज़ की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री तक
टी20 विश्व कप सुपर 8: इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज़ को 8 विकेट से रौंदा, फिल साल्ट की नाबाद 87 रन की तूफानी पारी
GCL 2025 चैलेंजर्स: भारतीय जीएम प्रणीश एम और ‘शतरंज के मेसी’ फॉस्टिनो ओरो ओपन क्वालिफायर्स में शामिल